विवाहित महिलाएं भूलकर भी ना करें ये तीन काम

हिन्दू धर्म में विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए कुछ ख़ास पैमाने निर्धारित किये गये हैं जिसका पालन करना हर शादी शुदा महिला के लिए बेहद आवश्यक माना जाता है. इसमें विशेष रूप से दो चीजों के बारे में तो आप सभी को मालूम होगा एक मांग में सिन्दूर लगाना और दूसरा मंगलसूत्र पहनना. आज इस पोस्ट के जरिये हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका पालन करना एक विवाहित महिला के लिए बेहद आवश्यक माना गया है. तो आईये आपको बताते हैं की आखिर वो कौन से तीन काम है जो शादी शुदा महिलाओं को भूले से भी नहीं करना चहिये.

सबसे पहले आपको बता दें की वास्तुशास्त्र के अनुसार सुहागिन स्त्रियों को विशेष रूप से कुछ ऐसे काम हैं जो नहीं करने चाहिए क्यूंकि इससे उनका वैवाहिक जीवन काफी हद तक प्रभावित होता है और परिवार में खुशियों का आगमन नहीं होता है. गौरतलब है की शादी शुदा महिलाओं को जिन तीन कामों को करने से बचना चहिये उसमे से सबसे पहला काम है हाथों में काले रंग की चूड़ियाँ कभी नहीं पहननी चहिये. बता दें की ज्योतिषशास्त्र में ऐसा कहा गया है की सुहागिन महिलाओं को भूलें से भी अपने हाथों में काले रंग की चूड़ियाँ नहीं पहननी चहिये क्यूंकि इससे उनके जीवन पर शनि देव का प्रभाव पड़ता है और जिंदगी में बहुत सी मुसीबतों का भी आगमन होता है. ऐसा माना जाता है की यदि सुहागिन स्त्रियाँ काले रंग की चूड़ियाँ पहनती हैं तो इससे घर में नकारात्मक शक्तियों का वास होता है और आर्थिक स्थिति भी काफी हद तक प्रभावित होती है. ऐसा माना जाता है की किसी भी शादी शुदा महिला को कोई भी ऐसा नहीं करना चहिये जिससे उनके जीवन पर शनिदेव का प्रभाव पड़े. वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाये रखने के लिए विवाहित महिला को हाथों में काले रंग की चूड़ियाँ कभी नहीं पहननी चाहिए.

इसके आलवा सुहागिन महिलाओं को जिस काम को करने से बचना चहिये वो है पैरों में किसी भी प्रकार के सोने का आभूषण नहीं पहनना चहिये. ज्योतिषशास्त्र की माने तो पैरों में सोने के आभूषण पहनना बेहद अशुभ माना जाता है, ऐसा माना जाता है की अगर सुहागिन महिलाएं अपने पैरों में किसी भी प्रकार के सोने के गहने जैसे की पायल या बिछिया पहनती है तो इससे कुबेर देव नाराज होते हैं और विवाहित जोड़े के जीवन में आर्थिक तंगी की स्थिति तो पैदा होती ही है साथ ही सुहागिन स्त्रियों के पति के जीवन में भी बहुत सी रुकावटें उत्पन्न होती है. इसलिए हर विवाहित महिला को शादी के पैरों में चांदी के आभूषण ही पहनाया जाता है जिसमे में सबसे मुख्य है पायल और बिछिया. आपको बता दें की सुहागिन महिला को भूलकर भी जो तीसरा काम नहीं करना चहिये वो है उन्हें सफ़ेद रंग की साड़ी कभी नहीं पहननी चहिये. जी हाँ, आजकल जहाँ फैशन की आड़ में विवाहित स्त्रियाँ भी सफ़ेद साड़ी पहनने से जरा भी संकोच नहीं करती हैं वहीँ दूसरी तरफ सफ़ेद साड़ी सुहागिनों को भूले से भी नहीं पहनना चहिये क्यूंकि इसे विधवा स्त्री का प्रतीक माना जाता है.