इस आसान तरीके से आप भी जान सकते हैं असली और नकली पनीर के बीच का फर्क

आज कल बाजार में बहुत सी ऐसी चीजें मिलने लगी है जिसमे में मिलावट रहता है फिर चाहे वो दिवाली पे मिलने वाले मिठाई हो या फिर पनीर. जी हाँ, आपको ये जानकर बेहद हैरानी भी होगी लेकिन सच्चाई तो यही है की आजकल मार्किट में मिलने वाले पनीर में भी काफी हद तक मिलावट किया जाने लगा है. आज हम आपको इस पोस्ट के जरिये बताने जा रहे हैं की आखिर किस तरह से आप मार्किट में मिलने वाले असली और नकली पनीर के बीच के फर्क को जान सकते हैं. तो देर किस बात की आईये आपको बताते हैं की आखिर कैसे आप भी भी असली और नकली पनीर के बीच एक फर्क का लगा सकते हैं पता.

मिलावट की इस दुनिया में आज खाद्य पदार्थ भी नहीं बचे जिसमे मिलावट ना हो. दाल चावल की बात छोड़ दें तो आजकल मार्किट में मिलने वाली सब्जियां और यहाँ तक की पनीर जिसे लोग बड़े चाव के साथ खाते हैं उसमे भी काफी मिलावट पाया जाता है. नॉन वेजीटेरियन लोगों की बात छोड़ दें तो शाकाहारी लोगों के लिए पनीर ही उनका एक मात्र सहारा होता है जिसकी अलग अलग तरीके की डिश बना कर लोग आयेदिन हर ख़ास मौके पर उसका आनंद लेते हैं. लेकिन जरा सोचिये अब अगर इसमें में भी मिलावट होने लगे तो इंसान क्या करे, लिहाजा अब हम आपको बताना जा रहे हैं की कैसे आप असली और नकली पनीर के बीच आसानी से फर्क कर सकते हैं. सबसे पहले आपको बता दें की जब भी आप पनीर लेने मार्किट जाएँ तो सबसे पहले पनीर को थोड़ा सा अपनी हथेली पर लेकर मसलें. यदि पनीर टूटकर बिखरने लग जाए तो इसका मतलब है की उस पनीर में मिलावट है क्यूंकि उसमें मिलाएं गए केमिकल की वजह से वो बिखरने लगता है. वहीँ दूसरी तरफ अगर पनीर बिखरने की वजह आसानी से मसल जाए तो इसका मतलब है की पनीर में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं है.

असली और नकली पनीर के बीच और भी कई तरीकों से अंतर किया जा सकता है. जी हाँ, आपको बता दें की यदि आप मार्किट में नकली और असली पनीर के बीच फर्क नहीं कर पायें हो तो आप घर आकर एक बर्तन में पानी बॉईल करें. अब इस उबलते हुए पानी में पनीर के कुछ टुकड़े डाल दें और ऊपर से कुछ बूँद आयोडीन का डाल दें. गौरतलब है की यदि ऐसा करने के बाद उबलते हुए पानी का रंग सफ़ेद से तब्दील होकर नीला हो जाए तो इसका साफ़ मतलब है की पनीर में मिलावट की गयी है लेकिन यदि पनीर का रंग साफ़ दिखाई दे तो साफतौर से जाहिर है की पनीर में किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं की गयी है. आपको बता दें की फेस्टिव सीजन में ख़ास तौर से पनीर में मिलावट की समस्या देखी जाती है लेकिन इस बार आप इन सभी तरीकों को अपना कर निश्चित रूप से असली और नकली पनीर के बीच के अंतर को भांप सकते हैं और अपने पैसों को व्यर्थ होने से बचा सकते हैं.